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इंडिया टुडे बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026: स्टाइल में अब भी इस जैसा कोई नहीं

यह फ्लैगशिप निफ्ट कैंपस देश में आज भी डिजाइन की पढ़ाई का अगुआ. अपने स्तर को ऊंचा बनाए रखने के लिए वह इंडस्ट्री पार्टनरशिप और मेंटॉर प्रोग्राम को बढ़ावा दे रहा.

Fashion
दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी में अध्ययनरत छात्र
अपडेटेड 9 जुलाई , 2026

भारत के बेस्ट कॉलेज 2026 फैशन डिजाइन: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली

जब फैशन उद्योग बहुत तेज बदलावों से गुजर रहा हो, ऐसे दौर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइएफटी) दिल्ली छात्रों को भविष्य के लिए कुछ इस तरह से तैयार कर रहा है जिसमें रचनात्मकता और टेक्नोलॉजी कंधे से कंधा मिलाकर चलें.

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इस साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पाठ्यक्रम में जोड़ने पर खास ध्यान दिया जाएगा. इससे छात्र रुझानों का विश्लेषण करने, फैशन ट्रेंड्स का पूर्वानुमान लगाने, डिजाइन में नवाचार करने, अनुसंधान और टिकाऊ फैशन प्रथाओं को अपनाने के लिए उन्नत साधनों का इस्तेमाल कर पाएंगे.

एनआइएफटी दिल्ली के लिए एआइ रचनात्मकता को बेदखल करने वाला नहीं, बल्कि उसका उत्प्रेरक है. इसकी कैंपस डायरेक्टर प्रोफेसर शिंजू महाजन कहती हैं, ''फैशन डिजाइन के पाठ्यक्रम में इसे शामिल करना सबसे बड़ा गेमचेंजर होगा. यह हमारी पहली प्राथमिकता है और इस पर गहन विचार-विमर्श हुआ है.’’

उनके मुताबिक, चुनौती यह तय करने में है कि डिजाइन और रिसर्च के साधन के तौर पर एआइ से छात्रों का परिचय कब करवाया जाए. पहले ही साल से इसे सुलभ करवा देने पर खतरा यह है कि डिजाइन संबंधी जरूरी संवेदनाएं पूरी तरह विकसित ही न हों पाएं. इस तरह से ''एक आम आदमी के एआइ का इस्तेमाल करने और पेशेवर डिजाइनर के विशेषज्ञता के साथ इसका प्रयोग करने के बीच फर्क ही न रह जाए.’’

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एनआइएफटी की डायरेक्टर जनरल तनु कश्यप का कहना है कि फैशन डिजाइन एनआइएफटी का फ्लैगशिप प्रोग्राम बना हुआ है, और यह 40 से भी ज्यादा सालों से कामयाब डिजाइनरों और पेशेवरों को गढ़ता रहा है.

वे कहती हैं, ''हम लगातार ऐसे मानक तय करते रहे हैं जो भारत भर के डिजाइन स्कूलों को प्रेरित करते हैं और फैशन उद्योग के निर्विवाद अगुआ के तौर पर एनआइएफटी दिल्ली की स्थिति की तस्दीक करते हैं.’’

उद्योग के साथ जुड़ाव संस्थान की पहचान बन चुकी ताकतों में से एक है. व्याख्यानों, प्रोजेक्ट और सत्रों के जरिए उद्योग के अगुआओं के साथ नियमित संवाद का फायदा प्लेसमेंट के अलावा भी छात्रों को मिलता है और इनके जरिए उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और अवसरों का अनुभव होता है.

हाल की एक पहल छात्रों के हाथों संचालित प्लेसमेंट सेल है. उद्योग के भागीदारों के साथ जुड़ने, संगठनों के साथ मेलजोल बढ़ाने और इंटर्नशिप तथा प्लेसमेंट के अवसरों का निर्माण करने में सीनियर छात्र सक्रिय भूमिका निभाते हैं.

छात्रों की ही अगुआई में चल रहा आंत्रेप्रेन्योर सेल केस-स्टडी स्पर्धाओं, साथ मिलकर काम करने वाले प्रोजेक्ट और उद्योग से जुड़ी पहलकदमियों के जरिए नवाचारों को बढ़ावा देता है. एनआइएफटी की फाउंडेशन फॉर डिजाइन इनोवेशन इनक्यूबेशन सेल भी बिजनेस आइडिया और उद्यम विकसित करने का सुगठित मंच देकर छात्रों की मदद करेगी.

एनआइएफटी 2026 में छात्रों की एक समर्पित मीडिया टीम की योजना भी बना रहा है. यह टीम कैंपस के लिए सोशल मीडिया और जनसंपर्क पहलों का काम देखेगी. इससे छात्रों को संचार और ब्रांड प्रबंधन का बेशकीमती अनुभव मिलेगा.

सपोर्टिंग सिस्टम बनाना भी एक प्राथमिकता है. इस कोशिश के केंद्र में एनआइएफटी दिल्ली का एकेडमिक मेंटॉर सिस्टम है, जिसके तहत संकाय सदस्य छात्रों के छोटे-छोटे समूहों को पूरी एकेडमिक यात्रा के दौरान आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं. पूरे छात्र समुदाय में स्वीकृति, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन पर लोकप्रिय वैकल्पिक कोर्स भी शुरू किया गया है.

इंडिया टुडे के बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026:

देशभर के 1,800 से अधिक संस्थानों की 14 प्रमुख स्ट्रीम्स में रैंकिंग, साथ में कोर्स, प्लेसमेंट और कैंपस लाइफ का विस्तृत विश्लेषण पढ़िए इंडिया टुडे के इस विशेषांक में. भारत के बेस्ट फैशन डिजाइन कॉलेज कौन-से हैं? पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें- https://bestcolleges.indiatoday.in/full-rankings 

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