धमाके से थर्राया काबुल
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में सर्वाधिक सुरक्षित क्षेत्र में मौजूद नैटो के सैनिक मुख्यालय के बाहर ही हुए एक कार बम हमले में सात लोगों की मौत हो गई है जबकि 90 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इन हमलों की निंदा की है.
उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षित क्षेत्र में हुए इस हमले के बावजूद गुरुवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में भारी संख्या में लोग मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार घायलों में अफ़ग़ानिस्तान की एक महिला सांसद हावा नूरिस्तानी भी शामिल हैं.
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह धमाका ऐसे स्थान पर हुआ है जिस इलाक़े में राष्ट्रपति भवन और की देशों के दूतावास भी हैं.
देश में गुरुवार को आम चुनाव होने वाले है और तालेबान ने चेतावनी है कि वो इन चुनावों में बाधा डालेंगे.
बीबीसी के मार्टिन पेशेंस का कहना है कि इस धमाके के लिए तालेबान से जु़ड़ा एक गुट ज़िम्मेदार हो सकता है.
मैं नैटो के परिसर जा रहा था तभी मैंने ज़ोरदार धमाका सुना और ज़मीन पर गिर गया. लोग चिल्ला रहे थे और मैंने मुख्यालय से आग निकलते देखी
घटना का प्रत्यक्षदर्शी
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस हमले की आलोचना की है और कहा है कि लोग इस कारण मतदान से नहीं चूकने वाले हैं.
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, '' अफ़गानिस्तान के दुश्मन लोगों के मन में चुनाव के दौरान डर पैदा करना चाहते हैं लेकिन लोगों को मत डालने के महत्व का अंदाज़ा है और वो ज़रुर मत डालने आएंगे.''
प्रारंभिक रिपोर्टों में धमाके में तीन लोगों के मरने की ख़बर आई थी और ये तीनों अफ़गानी नागरिक थे. बाद में रक्षा मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या बढ़ाई और बताया कि सात लोग मारे गए हैं.
आत्मघाती हमला
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल मोहम्मद ज़हीर आज़िमी ने घटनास्थल से कहा, ''यह एक आत्मघाती हमला था जो कि एक कार से किया गया. यह धमाका नैटो के नेतृत्व वाली शांति सेना के कार्यालय के ठीक बाहर हुआ था.''
इस धमाके में शांति सेना के सैनिक भी घायल हुए हैं.एक प्रत्यक्षदर्शी अहमद ने बीबीसी से कहा, '' मैं नैटो के परिसर जा रहा था तभी मैंने ज़ोरदार धमाका सुना और ज़मीन पर गिर गया. लोग चिल्ला रहे थे और मैंने मुख्यालय से आग निकलते देखी.''
अफ़गानिस्तान के दुश्मन लोगों के मन में चुनाव के दौरान डर पैदा करना चाहते हैं लेकिन लोगों को मत डालने के महत्व का अंदाज़ा है और वो ज़रुर मत डालने आएँगे
हामिद करज़ई, अफ़ग़ान राष्ट्रपति
इस धमाके में अफ़गानिस्तान की महिला सांसद हवा आलम नूरिस्तानी भी घायल हुई हैं जो राष्ट्रपति करज़ई के चुनाव अभियान में भी काम कर रही हैं.
मार्टिन पेशेंस के अनुसार चुनाव के दौरान हिंसा कम करने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा के उपाय किए गए थे लेकिन आने वाले दिनों में ऐसे अन्य हमलों की चिंता जताई जा रही है.
क़ाबुल में आम तौर पर धमाके नहीं होते हैं लेकिन जब होते हैं तो ये बड़े धमाके होते हैं. फरवरी के महीने में आखिरी बार काबुल में एक हमला हुआ था जिसमें कई नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने न्याय मंत्रालय पर हमला किया था.
इससे पहले जुलाई 2008 में एक कार बम धमाके में भारतीय दूतावास के बाहर 20 अफगानियों और दो कूटनीतिज्ञों की मौत हो गई थी.















