अंतरिम बजट की ख़ास बातें

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वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल रहे प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को वर्ष 2009-10 का अंतरिम बजट पेश किया.
प्रणब मुखर्जी ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और कहा है कि सरकार लगातार तीन वर्षों तक नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल करने में कामयाब रही.
उनका कहना था कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण विकास है और पिछले वित्त वर्ष में किसान सच्चे विजेता रहे. उनका कहना था कि प्रति व्यक्ति आय बढ़ कर 7.4 फ़ीसीदी पहुंची.
बजट में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को जारी रखने के सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया गया.
बजट की ख़ास बातें
- राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के लिए 30 हज़ार करोड़ रूपए का प्रावधान
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में कमी दर्ज की गई, फिर भी 23.3 अरब डॉलर भारत में निवेश किया गया
- विकास दर 7.1 फीसदी रहने की संभावना
- शिक्षा बजट में पाँच वर्षों में 900 प्रतिशत की वृद्धि की गई
- राजकोषीय घाटा बढ़ा
- कृषि विकास दर 3.7 फ़ीसदी रही
- महंगाई दर जनवरी में 4.4 प्रतिशत तक पहुँची
- दो नई पेंशन योजनाओं की घोषणा
- इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन स्कीम के ज़रिए 400 रुपए दिए जाएंगे
- विधवाओं को आईटीआई में प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें 500 रुपये का वज़ीफ़ा दिया जाएगा
- भारत निर्णाण के लिए 40 हज़ार नौ सौ करोड़ रूपए का प्रवाधान
- सर्व शिक्षा अभियान के लिए 13,100 करोड़ रुपए का प्रावधान
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 12 हज़ार 70 करोड़ रूपए देने का प्रस्ताव
- रक्षा बजट बढ़ा कर एक लाख 40 हज़ार करोड़ रूपए से अधिक हुआ
- सकल घरेलू बचत दर बढ़ कर 39 फ़ीसदी हुआ
- कृषि क़र्ज़ की राशि में तीन गुना वृद्धि और उसे बढ़ा कर 25 लाख करोड़ किया गया
- सीमांत और छोटे किसानों के 65,300 करोड़ क़र्ज़ माफ़ किए गए
- छह नए आईआईएम वर्ष 2009-10 में खोले जाएंगे. छह नए आईआईटी शुरू किए गए हैं, जबकि दो और इस साल खोले जाएंगे
- 500 आईटीआई सेंटर को अपग्रेड किया गया
- शिक्षा के लिए क़र्ज़ राशि बढ़कर 24, 260 करोड़ रुपए हुई






















