दिल्ली में स्वाइन फ़्लू के नए मामले

स्वाइन फ़्लू
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भारत की राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ़्लू वायरस के ताज़े मामलों ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है. बुधवार को क़रीब पांच बच्चों में स्वाइन फ्लू वायरस के लक्षणों की पुष्टि हो गई थी.

जिन बच्चों में ताज़ा मामले पाए गए हैं, वे स्कूल जाने वाले विद्यार्थी हैं. इन्हें स्कूल आने से रोक दिया गया है.

हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि इसमें परेशान होने और घबराने वाली बात नहीं है और स्कूली बच्चों में स्वाइन फ़्लू के मामलों के बाद स्कूलों को बंद करने का फ़ैसला लेना ग़लत है.

पिछले कुछ दिनों के दौरान राजधानी दिल्ली में स्कूली बच्चों में स्वाइन फ़्लू के मामलों की पुष्टि के बाद कुछ स्कूलों ने अपने यहाँ एहतियातन बच्चों से स्कूल न आने के लिए कहा था.

इसपर मुख्यमंत्री ने बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि स्कूलों को बंद करने से लोगों में चिंता और तनाव बढ़ेगा.

उन्होंने कहा कि जो अभिभावक अपने बच्चों को एहतियातन स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका जा सकता और ये उनके अपने चयन का मामला है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते हैं या नहीं.

पर स्कूली बच्चों में ताज़ा मामलों के सामने आने से कई अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है.ख़ासकर जिन स्कूलों के बच्चों में स्वाइन फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है, वहाँ कुछ अन्य विद्यार्थियों के अभिभावकों को अपने बच्चों में वायरस के संक्रमण की चिंता है.

राज्य सरकार के ही हवाले से यह भी कहा गया है कि जिन लोगों में ऐसे मामले पाए गए हैं, उनमें अधिकतर वे हैं जो बाहर के देशों से यात्रा करके लौटे हैं. अभी स्थिति ऐसी नहीं है कि जिसे लेकर इतना तनाव पैदा कर दिया जाए. लोग बेवजह ही परेशान होंगे.

बुधवार को ही समाचार एजेंसियों के मुताबिक पुणे और हैदराबाद में भी कुछ नए मामलों की पुष्टि हुई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बुधवार तक भारत में स्वाइन फ़्लू के लक्षणों वाले लोगों की तादाद बढ़कर 342 हो गई है.