'भारत की नीति आक्रामक नहीं'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत किसी देश के ख़िलाफ़ आक्रामक नीति नहीं अपना रहा है और न ही किसी को धमकी देने के पक्ष में है लेकिन देश की सुरक्षा के लिए हरसंभव क़दम उठाए जा रहे हैं.
भारत की पहली परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी 'अरिहंत 'का अनावरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा के नज़रिए से समुद्र अत्यंत महत्वपूर्ण होता जा रहा है और भारत को बदलते हुए सामरिक परिदृश्य में अपनी सैन्य तैयारियों में थोड़े बदलाव की ज़रुरत है.
प्रधानमंत्री का कहना था, '' हमारी कोई आक्रामक नीति नहीं है और न ही हम किसी को धमकी देने में यकीन रखते हैं. हम चाहते हैं कि हमारे आस पास ऐसा माहौल हो जो हमारे शांतिपूर्ण विकास और मूल्यों की रक्षा के लिए मददगार साबित हो.''
उनका कहना था कि भारत अपनी रक्षा के लिए हरसंभव क़दम उठाएगा और दुनिया में प्रौद्योगिकी के स्तर पर हो रहे बदलाव के साथ क़दम मिलाकर चलेगा.
प्रधानमंत्री ने परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी को नौसेना में शामिल किए जाने पर सबको बधाई दी और कहा कि 'यह देश की रक्षा तैयारियों में ऐतिहासिक क़दम है.''
उनका कहना था, '' आज की यह घटना दर्शाती है कि देश में प्रौद्योगिकी के स्तर पर हम कितना आगे बढ़ रहे है और हमारा शोध संगठन कितना बेहतरीन है.''
अरिहंत की लागत 2800 करोड़ रुपए है और इसे रविवार को प्रधानमंत्री की पत्नी गुरुशरण कौर ने औपचारिक रुप से अनावृत किया.
अगले दो वर्षों में अरिहंत के कुछ परीक्षण होने हैं जिसके बाद इसे नौसेना में पूरी तरह शामिल कर लिया जाएगा.
विशाखापट्नम में इस मौके पर प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री, नौसेना प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी भी मौजूद थे.


























