आरके आनंद की सज़ा बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बीएमडब्ल्यू कार हादसे के मामले में जाने माने वकील और कांग्रेसी नेता आरके आनंद की सज़ा बरकरार रखी है.
निचली अदालत ने आनंद को इस मामले में विवादास्पद गवाह सुनील कुलकर्णी को प्रभावित करने की कोशिश करने का दोषी पाया था और सज़ा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा को बरकरार रखा है और यहां तक कहा है कि क्यों न आनंद की सज़ा बढ़ा दी जाए.
तीन सदस्यीय न्यायाधीशों बीएन अग्रवाल, जीएस सिंघवी और आफ़ताब आलम की खंडपीठ ने इसी मामले में विशेष सरकारी वकील आईयू खान की सज़ा पर रोक लगा दी.
आरके आनंद और आईयू खान से दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि वो चार महीने के लिए कोर्ट में बहस नहीं कर सकते हैं.
एक टेलीविज़न चैनल ने बीएमडब्ल्यू कार हादसे के मामले में सुनील कुलकर्णी और दोनों वकीलों पर स्टिंग आपरेशन किया था जिसमें पाया गया था कि आरके आनंद गवाह को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
आनंद आरोपियों के वकील थे.
सुप्रीम कोर्ट ने आईयू खान को सज़ा से बरी तो कर दिया लेकिन साथ ही कहा कि इस मामले में एक विशेष सरकारी वकील के नाते उनका रवैय्या सही नहीं रहा है.
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे वकील केटीएस तुलसी कहते हैं कि हर क्षेत्र में कुछ ख़राब लोग रहते ही हैं और उनके साथ न्याय होना बिल्कुल सही है.


























