स्वाइन फ़्लू, निर्देशों में ढील

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वाइन फ़्लू के दिशा निर्देशों में थोड़ी ढील का एलान करते हुए कहा है कि फ़्लू के सभी मरीज़ों को अब अनिवार्य रूप से अस्पताल में नहीं दाख़िल किया जाएगा.
उनका कहना है कि मौसम को देखते हुए आने वाले दिनों में फ्लू से पीड़ित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है.
मंत्रालय ने इस आशंका के मद्देनज़र स्वाइन फ़्लू के मामले में जारी कड़े दिशा निर्देशों में थोड़ी ढील दी है और कहा है कि मरीज़ों के नमूने लेने के बाद अगर मामला गंभीर न हो तो उन्हें घर जाने की अनुमति होगी.
मंत्रालय की तरफ़ से जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा,'' हमें लगा कि कई लोग इस डर से फ़्लू के मामले में टेस्ट के लिए नहीं आते हैं कि अस्पताल में उन्हें अलग थलग कर दिया जाएगा इसलिए हमने ये कहा है कि अगर डॉक्टर को लगता है कि मामला गंभीर नहीं है तो मरीज को घर जाने की अनुमति होगी.''
उनका कहना था, '' ये इंफ्लुएंजा का मौसम है और आशंका है कि कई लोगों को फ़्लू की शिकायत होगी. हम चाहते हैं कि किसी को भी कोई फ़्लू के लक्षण दिखें तो वो चिह्नित सरकारी अस्पताल में आएं और नमून दें ताकि उसकी जांच हो सके.''
चौधरी ने कहा कि स्थिति गंभीर है और सरकार नहीं चाहती कि ये महामारी का रुप ले ले.
वैसे सरकार के दिशा निर्देश निजी अस्पतालों पर लागू नहीं हो रहे हैं और सरकार इस बारे में कुछ कहने से भी बच रही है. सरकार का कहना है कि निजी अस्पतालों को एडवाइज़री जारी की गई है.
पुणे का मामला
मंत्रालय ने पुणे में स्वाइन फ़्लू के कारण रिदा की मौत पर अफ़सोस जताया और कहा कि यह दुखद है.
मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने बताया कि रिदा का परिवार जहांगीर अस्पताल के ख़िलाफ़ अदालत में जाने का मन बना चुका है.
14 वर्षीय रिदा शेख की मौत के एक दिन बाद उसके परिवार ने निजी अस्पताल को रिदा की मौत का ज़िम्मेदार ठहराया है.
रिदा के परिवार वालों ने आज पुणे में एक प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि जहाँगीर अस्पताल में लड़की का इलाज स्वाइन फ़्लू के बजाए दूसरी बीमारी का किया गया जिसके कारण रिदा की मौत हो गई.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वाइरोलॉजी, पुणे से उसके स्वास्थ्य की रिपोर्ट से साफ़ हो गया है कि रिदा को स्वाइन फ़्लू था.
भारत में स्वाइन फ़्लू के अब तक 558 मामले सामने आए हैं. इनमें महाराष्ट्र से सबसे ज़्यादा मामले हैं.
पुणे के निकट सतारा में भी कई स्कूली बच्चों के अमरीका से वापस लौटने पर स्वाइन फ़्लू के लक्षण पाए गए थे.
सोमवार को भारत में स्वाइन फ़्लू के सात और मामले सामने आए हैं. इनमें से दो लोग दिल्ली से, तीन पुणे से और एक-एक चेन्नई और अहमदाबाद से हैं.


























