जसवंत की किताब का विमोचन

भारतयी जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जसवंत सिंह की किताब 'जिन्ना- इंडिया, पार्टीशन, इंडिपेंडेंस' का सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में विमोचन किया गया.
लेकिन इस कार्यक्रम में भाजपा का कोई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुआ. यहां तक कि समारोह के मुख्य अतिथि बनाए गए अरुण शौरी भी नहीं आए.
माना जा रहा है कि इस किताब में जिस तरह से मोहम्मद अली जिन्ना की प्रशंसा की गई है उससे पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) खुश नहीं है.
इस किताब में भारत के विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना को पूरी तरह ज़िम्मेदार न ठहराकर इसके लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस को ज़्यादा ज़िम्मेदार बताया गया है.
कहा जा रहा है कि जिन्ना के महिमामंडन से भाजपा और आरएसएस झुब्ध है. हालाँकि भाजपा ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
लेकिन भाजपा का ही वैचारिक संगठन कहे जाने वाले आरएसएस ने अपनी नाराज़गी जताई है. संघ से जुड़े राम माधव ने कहा है, "मैंने किताब की भूमिका का अध्ययन किया है लेकिन पूरी किताब नहीं पढ़ी. लेकिन ये कहना सच्चाई से कोसों दूर होगा कि विभाजन के लिए जिन्ना ज़िम्मेदार नहीं थे."
ग़ौरतलब है कि जिन्ना प्रकरण में ही लाल कृष्ण आडवाणी को पार्टी के अंदर से काफी विरोधों का सामना करना पड़ा था जब उन्होंने वर्ष 2005 में अपने पाकिस्तान दौरे में जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष कहा था.






















