विमान के पीछे का हिस्सा मिला

पिछले हफ़्ते अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर फ़्रांस के विमान के पीछे का एक बड़ा हिस्सा ब्राज़ीलियाई खोजी दल को मिला है.
ब्राज़ीलियाई सेना ने एयर फ़्रांस के रंगों में रंगा वो टुकड़ा उठाते तैराकों की तस्वीरें जारी की हैं.
इस बीच अमरीका ने दो काफ़ी उच्च क्षमता वाले यंत्र उस क्षेत्र में भेजे हैं जिससे विमान का 'ब्लैक बॉक्स' ढूँढ़ा जा सके.
ब्राज़ीलियाई सेना ने अब तक 16 शव ढूँढ़े हैं.
पहले बताया गया था कि 17 शव मिले हैं मगर फिर कहा गया कि गिनने में ग़लती हुई और 16 ही शव मिले हैं.
शव और मलबा ब्राज़ील के फ़र्नान्डो डि नोरोन्हा द्वीप से लगभग एक हज़ार किलोमीटर पूर्वोत्तर में मिला है. 228 लोगों के साथ एयर फ़्रांस का विमान वहीं से लापता हुआ था.
दुर्घटना की जाँच में इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि क्या विमान की गति मापने वाले यंत्रों ने दुर्घटना से कुछ ही देर पहले काम करना बंद कर दिया था.
अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक़ अमरीकी यंत्र ब्राज़ील भेजे जा रहे हैं और उसके बाद वे ब्लैक बॉक्स खोजने निकलेंगे.
वे यंत्र 20 हज़ार फ़ुट की गहराई तक से ब्लैक बॉक्स के संकेत पकड़ सकते हैं.
ब्लैक बॉक्स इस तरह बनाए जाते हैं कि वे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में भी 30 दिनों तक संकेत देते रहते हैं.
उस खोज में मदद देने के लिए एक फ़्रांसीसी पनडुब्बी भी इस हफ़्ते दुर्घटना वाली जगह पहुँच रही है.
शव, जहाज़ से फ़र्नान्डो डि नोरोन्हा द्वीप ले जाए जाएँगे जहाँ से उन्हें ब्राज़ील के रेसिफ़ शहर पहुँचाया जाएगा.
और शव खोजने की कोशिश
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला डि सिल्वा ने कहा है कि उनका देश अधिक से अधिक शव बरामद करने के लिए हरसंभव क़दम उठाएगा.
उधर दुर्घटना की वजह के बारे में फ़्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि विमान में गति मापने वाले यंत्रों पर बर्फ़ जम गई होगी जिसकी वजह से जब विमान ख़राब मौसम में गया तो चालकों को विमान की गति का अंदाज़ा नहीं रहा.

फ़्रांस के परिवहन मंत्री डॉमिनिक बुसेरू ने फ़्रांसीसी रेडियो को बताया कि इस वजह से विमान दो तरह से दुर्घटना का शिकार हो सकता है.
उनका कहना था, "अगर गति बहुत ही कम हो जाए तो विमान रुक जाएगा या काफ़ी तेज़ गति हो तो उसकी वजह से विमान के टुकड़े-टुकड़े हो सकते हैं."
एयर फ़्रांस का कहना है कि वह सभी एयरबस विमानों में गति मापने वाले यंत्रों को बदलने की प्रक्रिया में है.
कंपनी के मुताबिक़ गति मापने वाले यंत्रों में परेशानी की बात एक साल पहले उनकी नज़र में आई थी और उसके बाद उन्होंने उन यंत्रों को बदलने की प्रक्रिया कुछ हफ़्तों पहले शुरू भी कर दी थी.
वैसे जाँचकर्ताओं का कहना है कि अभी ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि दुर्घटना में उन यंत्रों ने क्या भूमिका निभाई.


























