ख़त्म हों परमाणु हथियार: ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अपने सपने को एक बार फिर रेखांकित किया है.
ओबामा ने परमाणु सुरक्षा पर एक शिखर सम्मेलन बुलाने और परमाणु हथियारों का विस्तार रोकने के लिए नए समझौता करने को कहा.
उन्होंने यह बात चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में यूरोपीय यूनियन के नेताओं के साथ होने वाली बैठक से पहले और उत्तरी कोरिया के मिसाइल परीक्षण करने के कुछ घंटे बाद कही.
रूस से वार्ता
उन्होंने कहा कि अमरीका अपनी सुरक्षा रणनीति के तहत परमाणु हथियारों की भूमिका कम करने, परमाणु हथियारों का भंडार कम करने और इसके लिए रूस के साथ नए सिरे से वार्ता करने के लिए क़दम उठाएगा.
उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अतंरराष्ट्रीय परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि का समर्थन करेगा और परमाणु हथियारों के उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया समझौत करेगा.
बराक ओबामा ने कहा कि इसके बाद भी अमरीका पोलैंड या चेक गणराज्य में एक मिसाइल रक्षा प्रणाली बनाने की विवादास्पद योजना के साथ आगे बढ़ेगा.
उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से खड़ा किया गया ख़तरा अब भी बना हुआ है.
ओबामा ने कहा कि हलांकि उनका यह लक्ष्य उनके जीवनकाल में पूरा नहीं हो पाएगा लेकिन वह उसे प्राप्त करने के लिए प्रयास करते रहेंगे.
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की आलोचना करते हुए ओबामा ने कहा, "यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से कठोर प्रतिक्रिया का समय है और उत्तर कोरिया को भी यह समझ लेना चाहिए कि अवैध हथियारों से सुरक्षा नहीं होगी."
प्राग के ऐतिहासिक क़िले के सामने जमा क़रीब 20 हज़ार लोगों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्ति दिलाना अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी है.
शीत युद्ध की विरासत
उन्होंने कहा, "हज़ारों परमाणु हथियारों की मौजूदगी ही शीत युद्ध की सबसे ख़तरनाक विरासत है."
उन्होंने कहा, "आज शीत युद्ध तो ख़त्म हो गया है लेकिन परमाणु हथियार नहीं ख़त्म हुए हैं."
उन्होंने अमरीका के परमाणु हथियारों का भंडार कम करने का वचन दिया और अन्य देशों से भी ऐसा ही करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि जब तक परमाणु हथियारों का ख़तरा बना रहेगा, अमरीका अपने परमाणु हथियारों को बनाए रखेगा और शस्त्रागार को कम करने के लिए काम करता रहेगा.


























