'ईरान में चुनाव के दौरान धांधली नहीं'

ईरान की शक्तिशाली उलेमा काउंसिल के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान में पिछले दिनों संपन्न राष्ट्रपति चुनाव में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है.
इसी महीने यानी 12 जून को संपन्न हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव को सही करार देते हुए उन्होंने कहा कि अहमदीनेजाद दोबारा देश के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं.
हालांकि काउंसिल की ओर से इस बारे में अंतिम निर्णय रविवार को दिया जाना था कि राष्ट्रपति चुनाव में क्या अनियमितताएं हुई हैं.
राजधानी तेहरान से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे बयान के बाद यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि दो दिन बाद की घोषणा महज एक औपचारिकता होगी.
माना जा रहा है कि इस बयान के बाद रविवार को संभावित बयान की भाषा साफ़ हो गई है. अहमदीनेजाद के सामने खड़ी मुश्किलें कुछ कम होंगी और विरोधियों को एक झटका लग सकता है.
12 जून को ईरान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में महमूद अहमदीनेजाद को विजेता घोषित किया गया था लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी नेता हुसैन मुसावी का आरोप है कि चुनाव में धाँधली हुई है.
इसके बाद से ही कुछ लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और दोबारा चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.
विरोध ठीक नहीं
पिछले कई दिनों से राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं जिसमें अबतक कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई भी चुनाव के मुद्दे पर खड़े होते आ रहे विवाद को ग़लत करार दे चुके हैं.
ख़मेनेई कई बार कह चुके हैं कि प्रदर्शन बंद हों लेकिन उनकी बातों का ख़ास असर नहीं हुआ है.
उधर चुनाव नतीजों को लेकर जो आपत्तियाँ उठाई गई हैं उनकी पड़ताल जारी है और रविवार को उलेमा काउंसिल की ओर से इस बारे में अंतिम निर्णय सुनाया जाना है.
पर इससे पहले ही संकेत अहमदीनेजाद के पक्ष में जाते दिख रहे हैं.
शुक्रवार को दोपहर की नमाज़ के बाद सर्वोच्च धार्मिक संस्था के एक प्रमुख नेता, अहमद खातमी ने न्यायपालिका से अपील की है कि हाल के दिनों में विरोध भड़काने वाले नेताओं के साथ कोई नरमी न बरती जाए.
उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन करवाने वाले नेताओं के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि यह दूसरों के लिए एक नसीहत बन सके.


























