सू ची से मुलाक़ात करने वाले की रिहाई

बर्मा की यात्रा कर रहे अमरीका के सीनेटर जिम वेब ने कहा है कि उन्होंने बर्मा की नज़रबंद लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची के घर जाने के अपराध में सात साल की सज़ा पाने वाले अमरीकी नागरिक जॉन येटॉ को रिहा करा लिया है.
सीनेटर वेब रविवार को येटॉ के साथ बर्मा से रवाना होंगे.
अमरीकी नागरिक की रिहाई सीनेटर वेब और बर्मा के शीर्ष सैनिक शासक थान श्वे की मुलाका़त के बाद संभव हो पाई.
सीनेटर ने आंग सान सू ची से भी मुलाक़ात की जिनकी नज़रबंदी की अवधि अमरीकी नागरिक के उनके घर चले जाने के कारण डेढ़ साल बढ़ा दी गई थी.
पिछले सप्ताह इसी तरह से अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उत्तर कोरिया की यात्रा कर दो अमरीकी पत्रकारों को रिहा करवाया था.
परिवर्तन की ज़रूरत
सीनेटर वेब भले ही निजी हैसियत से बर्मा की यात्रा कर रहे हों, लेकिन उनके दौरे को राष्ट्रपति बराक ओबामा का पूरा समर्थन मिला हुआ है.
अमरीकी विदेश नीति पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि अमरीका ने अंतत: मान लिया है कि प्रतिबंधों के ज़रिए बर्मी सैनिक शासकों का हृदय परिवर्तन संभव नहीं है.
इसीलिए अब बर्मी शासकों से संपर्क बनाए रखने की नीति को लागू किए जाने की भूमिका बनाई जा रही है.
बर्मा को लेकर अमरीका की नीति में इस संभावित परिवर्तन का एक कारण ये भी है कि बर्मा का मामला अब मानवाधिकारों और लोकतंत्र जैसे विषयों से आगे जा चुका है.
अमरीका को पिछले दिनों आई उस ख़बर को लेकर ख़ास चिंता है जिसमें बर्मा और उत्तर कोरिया के बीच कथित परमाणु सहयोग की बात कही गई है.
सीनेटर जिम वेब शनिवार को नज़रबंद लोकतंत्रवादी नेता आंग सान सू ची से मिले. विश्लेषकों के अनुसार इस मुलाक़ात से यही ज़ाहिर होता है कि आंग सान सू ची भी अमरीका की बर्मा नीति में परिवर्तन की ज़रूरतों को समझती हैं.


























