ब्रिटेन में पलकों का प्रत्यारोपण

ब्रिटेन के शहर ग्रेटर मैनचेस्टर में एक महिला की आँखों की पलकों का सफल प्रत्यारोपण किया गया है. सर्जरी करने वाली टीम का दावा है कि ब्रिटेन में अपनी तरह का यह पहला प्रत्यारोपण है.
19 वर्षीया लुईस थॉमस को ऐसा इसलिए कराना पड़ा क्योंकि पलकों के बाल अधिक खींचने से उन्हें ट्राइकोटीलोमैनिया नामक बीमारी हो गई थी.
प्रत्यारोपण के दौरान लुईस के सर के बाल को उनकी आँखों की ऊपरी और निचली पलकों पर लगाया गया.
डॉक्टरों का कहना है कि प्रत्यारोपण के चार से छह महीने के बीच पलकों के बाल घने होना शुरू हो जाएँगे.
<span xml:lang="hi"><crosshead>मामला</crosshead><paragraph><span xml:lang="hi">लुईस थॉमस ने बताया, "17 वर्ष की उम्र में मुझे ट्राइकोटीलोमैनिया नामक बीमारी हो गई थी जिसके बाद हमने यह स्वीकार कर लिया था कि अब मेरी पलकें कभी वापस नहीं आएंगी, जो एक युवती के लिए बड़ा मामला था."</span></paragraph> <pullOut><quote><quoteText>17 वर्ष की उम्र में मुझे ट्राइकोटीलोमैनिया नामक बीमारी हो गई थी जिसके बाद हमने यह स्वीकार कर लिया था कि अब मेरी पलकें कभी वापस नहीं आएंगी, जो एक युवती के लिए बड़ा मामला था</quoteText><quoteSource>लुईस थॉमस</quoteSource></quote></pullOut> <span xml:lang="hi"/><paragraph><span xml:lang="hi">उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इसके इलाज के बारे में सुना तो काफ़ी अच्छा लगा, क्योंकि इसके परिणाम </span><span xml:lang="hi">आश्चर्यजनक हैं."</span></paragraph></span>
अमरीका इस तरह की सर्जरी का संस्थापक माना जाता है.
प्रत्यारोपण करने वाले डॉक्टर शामी थॉमस का कहना है कि अमरीका कॉस्मेटिक उद्योग में अग्रणी है इसलिए लोग वहाँ इलाज कराने को अधिक वरीयता देते हैं लेकिन वहाँ होने वाली तमाम सर्जरी सफ़ल और सुरक्षित नहीं होती.






















