विस्थापितों का अब लौटना संभव: गिलानी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने देश के पश्चिमोत्तर से विस्थापित हुए लोगों से अनुरोध किया है कि वे अब अपने घर लौट जाएँ. उनका कहना है कि 13 जुलाई से चार चरणों में विस्थापितों की घर वापसी का कार्यक्रम शुरु होगा.
ऐसा पहली बार हुआ है कि अप्रैल में वहाँ तालेबान के ख़िलाफ़ सेन्य अभियान शुरु होने का बाद प्रधानमंत्री ने ऐसी घोषणा की है.
उधर सेना का कहना है कि मालाकांद में उसका अभियान निर्णायक चरण में है.
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी का कहना था कि स्वात, बुनेर और अपर दीर क्षेत्रों से चरमपंथी के भगा दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि उन इलाक़ों से सैकड़ों परिवार पहले ही घर लौटने लगे हैं.
एक संवाददाता सम्मेलन में गिलानी ने कहा, "बिजली, गैस की सप्लाई बहाल हो गई है और बैंकों ने सामान्य कामकाज शुरु कर दिया है. मैं देश को बधाई देता हूँ कि 13 जुलाई से विस्थापित हुए लोग अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी अपने घरों में शुरु कर पाएँगे."
उनका कहना था कि सेना घाटी में रहेगी ताकि तालेबान दोबारा उस क्षेत्र पर कब्ज़ा न कर पाएँ.
इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता एम इलियास ख़ान के अनुसार आधिकारिक तौर पर 20 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और पाँच लाख अन्य हैं जिनका विस्थापितों की सूची में पंजीकरण नहीं हुआ है.
सकते हैं.


























