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धर्म

गुप्त नवरात्रि में करें ये आसान उपाय, नौकरी और विवाह की मनोकामना होगी पूरी

14 जुलाई 2026

गुप्त नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 15 जुलाई से हो रहा है. जानिए गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व, सामान्य और गुप्त नवरात्रि में क्या अंतर है?

कोई पैदल तो कोई साइकिल से निकला... 11 दिन में 3 लाख भक्तों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

14 जुलाई 2026

अमरनाथ यात्रा के 11 दिन बीत चुके हैं. अब तक 3 लाख से ज्यादा भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. लेकिन अभी भी उत्साह कम होता नहीं दिख रहा है. 13 श्रद्धालुओं का एक जत्था पिछले 33 दिनों से लगातार पैदल यात्रा कर रहा है. दिल्ली से एक भक्त साइकिल से बाबा अमरनाथ यात्रा की.

16 जुलाई से शुरू होगी पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा, हो रही भव्य तैयारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

14 जुलाई 2026

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा की शुरुआत 16 जुलाई से शुरू होगी. यह धार्मिक उत्सव 24 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी शुभद्रा रथों पर सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं. इस रथयात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

बाबा महादेवशाल के भक्तों को रेलवे की बड़ी सौगात, श्रावण मास में 22 जोड़ी ट्रेनों का होगा अस्थाई ठहराव

14 जुलाई 2026

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के कोइलकेरा में बाबा महादेवशाल धाम एक फेमस शिव मंदिर है. श्रावण मास में बाबा के भक्तों को रेलवे ने बड़ी घोषणा की है. भक्तों को बाबा के दरबार में पहुंचने में आसानी होगी. 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक महादेवशाल रेलवे स्टेशन पर 22 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव होगा.

हनुमान जी की कृपा से मिलते हैं भगवान राम, जानें सुग्रीव से क्यों बेहतर थे बाली..देखिए अच्छी बात

14 जुलाई 2026

इस कथा प्रसंग में हनुमान जी को एक सच्चे गुरु के रूप में दर्शाया गया है, जो भक्तों को भगवान राम से मिलाते हैं. सुग्रीव, विभीषण और माता जानकी को राम जी से मिलाने का श्रेय हनुमान जी को ही जाता है. प्रसंग में सुग्रीव की तुलना बाली और जटायु से करते हुए बताया गया है कि सुग्रीव से बेहतर बाली और जटायु थे. जटायु ने माता सीता की रक्षा के लिए रावण से युद्ध किया और अपने प्राण त्याग दिए, जबकि सुग्रीव ने सब कुछ देखते हुए भी कोई कदम नहीं उठाया. आज के समाज में भी लोग 'प्रैक्टिकल' बनने और विवादों से बचने के चक्कर में अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं, जिससे समाज में अपराध बढ़ रहे हैं. इसके अलावा, बाली और भगवान राम के बीच हुए संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसमें बाली ने भगवान से भक्ति और अपने पुत्र अंगद को उनकी सेवा में लगाने का वरदान मांगा था.

आषाढ़ अमावस्या पर संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

14 जुलाई 2026

आषाढ़ अमावस्या में श्रद्धालुओं की संगम में डुबकी लगाते हुए तस्वीरें.

आज है आषाढ़ अमावस्या, जानें पितरों की पूजा और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

14 जुलाई 2026

आज यानी 14 जुलाई को आषाढ़ अमावस्या मनाई जा रही है. यह दिन पितरों के तर्पण, स्नान, दान और पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है.

बंगला, गाड़ी, सैलरी के अलावा क्या-क्या मिलेगा राम मंदिर के CEO को?

13 जुलाई 2026

राम मंदिर ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि मंदिर संचालन के लिए अब सीईओ को रखा जाएगा. जो कई जिम्मेदारियों को संभालेगा. इस पद पर रखे जाने वाले व्यक्ति को मिलने वाली सुविधाएं किसी बड़ी कंपनी के सीईओ जैसी ही होंगी.

बरसाने के सेठ और मनहारिन की कहानी, जब राधा रानी ने बेटी बनकर पहनी चूड़ियां..देखिए अच्छी बात

13 जुलाई 2026

अच्छी बात के इस एपिसोड में हनुमान जी और हनुमान चालीसा की महिमा का वर्णन किया गया. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर को शिक्षा, उद्योग और लघु भारत का केंद्र बताया गया. कथा में बताया गया कि छत्तीसगढ़ को 'महतारी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां महामाई, बमलेश्वरी और दंतेश्वरी जैसे कई शक्तिपीठ मौजूद हैं. इसके अलावा, बरसाने के एक सेठ की कहानी सुनाई गई, जिनके तीन बेटे थे लेकिन कोई बेटी नहीं थी. एक महात्मा के सुझाव पर सेठ ने राधा रानी को अपनी बेटी मान लिया. एक दिन जब घर में मनहारिन चूड़ियां पहनाने आई, तो राधा रानी ने भी सेठ की चौथी बहू या बेटी के रूप में चूड़ियां पहन लीं. जब मनहारिन ने चार लोगों के पैसे मांगे, तो सेठ ने इंकार कर दिया. रात को सपने में राधा रानी ने सेठ को दर्शन देकर सच्चाई बताई. इसके बाद सेठ ने मनहारिन से माफी मांगी और उसे भाग्यशाली बताया क्योंकि उसने साक्षात राधा रानी को चूड़ियां पहनाई थीं.

कब से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? जानें सही तिथि, घटस्थापना मुहूर्त और लिख लें पूजा के दिनों की पूरी डेट

13 जुलाई 2026

गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र साधना और दस महाविद्याओं की उपासना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. सामान्य श्रद्धालु भी इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत और मंत्र जाप करके देवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. जानें पूजा और घट स्थापना का शुभ मुहूर्त.

Acchi Baat: ईश्वर प्राप्ति का सबसे उत्तम मार्ग क्या है? देखिए अच्छी बात पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ

12 जुलाई 2026

आज की भगवत चर्चा में 'मध्य' शब्द और इसके महत्व पर बात की गई है। श्रीमद् भागवत के अनुसार ईश्वर प्राप्ति के तीन मार्ग हैं- ज्ञान, वैराग्य और भक्ति। ज्ञान में अहंकार का जोखिम है और वैराग्य का पालन अत्यंत कठिन है। इसलिए भक्ति को सबसे उत्तम माना गया है, जो ज्ञान और वैराग्य के बीच का 'मध्य मार्ग' है। प्रसंग में बताया गया है कि भगवान राम ने शिव धनुष को मध्य से तोड़ा था और उनका अवतार भी दिन के मध्य में हुआ था। इसी तरह भगवान कृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ और भगवान नरसिंह ने भी आधा नर और आधा सिंह का रूप धारण किया था। संत राबिया की कहानी और देहरी पर रखे दीपक का उदाहरण देकर समझाया गया है कि जिस तरह देहरी पर रखा दीपक अंदर और बाहर दोनों जगह रोशनी देता है, उसी तरह राम नाम जपने से मनुष्य का आंतरिक और बाहरी जीवन प्रकाशित होता है। जीवन में गुणों के साथ थोड़ी कमियां होना भी स्वाभाविक है।